बहराइच में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी संघ की समन्वय समिति ने मंगलवार को अपनी समस्याओं और संगठन के अध्यक्ष के खिलाफ कथित एकपक्षीय जांच के विरोध में विकास भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया। कर्मियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों की सत्यता की पुष्टि किए बिना जांच कराई जा रही है। दो बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्य विकास अधिकारी की ओर से वार्ता नहीं किए जाने से नाराज कर्मियों ने विकास भवन पहुंचकर विरोध जताया। बाद में मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता कर मांगपत्र सौंपा। समन्वय समिति की ओर से 13 अक्तूबर को दिए गए मांगपत्र में ग्राम विकास अधिकारी और संगठन के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के खिलाफ की जा रही जांच पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का आरोप है कि नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी दीपेंद्र पांडेय ने पांच ग्राम पंचायतों का निरीक्षण एक ही दिन में कर जांच आख्या तैयार की। संगठन ने जांच समिति के दूसरे सदस्य के हस्ताक्षर नहीं होने का भी दावा किया है। मांगपत्र में आरोप लगाया गया है कि शिकायत करने वालों की पहचान और शिकायती प्रार्थनापत्रों की वैधानिकता की समुचित जांच किए बिना कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। संगठन ने इसे पूर्वाग्रह से प्रेरित बताते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समन्वय समिति ने मांग की है कि विनोद कुमार सिंह के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की वैधानिकता, सत्यता और प्रमाणिकता की जांच कराई जाए। साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों के निस्तारण में शासनादेशों के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने शिकायतकर्ता के रूप में प्रस्तुत होने वाले व्यक्तियों की पहचान की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की भी मांग की है। मांगपत्र पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष भीम सिंह कुशवाहा, मंत्री विकास श्रीवास्तव, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के मंत्री आनंद विक्रम और अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के नाम दर्ज हैं। संगठन ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे आंदोलन करने की चेतावनी दी है।