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बटला हाउस मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग, राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल ने किया प्रदर्शन

बटला हाउस मुठभेड़ की 18वीं बरसी पर शनिवार को राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने न्यायिक जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर वर्ष 2008 में हुई घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव तलहा रशादी ने कहा कि संगठन बटला हाउस मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि मुठभेड़ सही थी तो न्यायिक जांच में भी यही तथ्य सामने आएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक इस मामले की जांच क्यों नहीं कराई गई। प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन केंद्र सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के बटला हाउस में हुई मुठभेड़ में दो मुस्लिम युवकों आतिफ और साजिद तथा पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद संगठन ने आजमगढ़ से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक जांच नहीं कराई गई। जिलाध्यक्ष हाजी मतीउल्लाह शेख ने कहा कि काउंसिल ने बटला हाउस प्रकरण को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया है। उन्होंने कहा कि संगठन का संघर्ष न्याय मिलने तक जारी रहेगा। उन्होंने इसे न्याय और लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया। प्रदर्शन के दौरान नोमान अहमद, मास्टर तारिक, मोहम्मद आरिफ, जैश अंसारी, अशरफ, मेराज खान, साकिब शाही, अजीम, खालिद अनवर, मोहम्मद फैसल और मिसबाह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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