अयोध्या के रूदौली तहसील क्षेत्र में जलनिकासी का रास्ता बंद होने से डेहवा जसमड़ गांव के किसानों के सामने धान की फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में बारिश का पानी भरा होने से करीब 500 बीघा धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। किसानों का आरोप है कि पावर हाउस के पास जलनिकासी के लिए बनी पुलिया पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों में नाराजगी है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों के मुताबिक, रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होने के बाद से खेतों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। बारिश होने पर पानी खेतों में भर जाता है, लेकिन निकासी का रास्ता बंद होने के कारण पानी बाहर नहीं निकल पाता। लगातार जलभराव से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। पूरे काजी निवासी किसान जगजीवन ने बताया कि उनके छह बीघा खेत में लगी धान की फसल पानी भरने से बर्बाद हो गई है। इसी गांव के अवधेश विश्वकर्मा की 10 बीघा धान की फसल भी प्रभावित हुई है। वहीं, डेहवा जसमड़ गांव के मंगलराम, राजकुमार, धर्मेंद्र और राजेंद्र समेत अन्य किसानों ने भी धान की फसल बर्बाद होने की बात कही। किसानों का आरोप है कि जलनिकासी की समस्या को लेकर तहसील प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बंद पुलिया को खुलवाकर जलनिकासी की व्यवस्था बहाल कराने और फसलों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच लेखपाल से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।