फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेठी में बच्चों का पुष्टाहार अटका, निराश्रित गोवंश परेशानी का सबब; जनकल्याण समिति ने डीडीओ को सौंपा ज्ञापन

अमेठी में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर रीता सिंह जनकल्याण समिति ने सवाल उठाए हैं। समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाले पुष्टाहार के नियमित वितरण, ग्राम विकास अधिकारियों की उपलब्धता और आवारा पशुओं की समस्या का मुद्दा उठाया। समिति ने व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रीता सिंह ने कहा कि एक से छह वर्ष तक के नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए हर महीने पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। आरोप है कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसका समय से वितरण नहीं हो पा रहा है। इससे जरूरतमंद बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का निवाला कागजों में नहीं, समय से उनके हाथों तक पहुंचना चाहिए। समिति ने ग्राम विकास अधिकारियों के ब्लॉक मुख्यालय पर नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहने का आरोप भी लगाया। बताया कि परिवार रजिस्टर की एक नकल जैसे छोटे काम के लिए भी ग्रामीणों को कई बार ब्लॉक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों की समस्या को लेकर समिति ने कहा कि खेतों में आवारा पशुओं का झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। किसान दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार कर रहे हैं, लेकिन सड़कों और खेतों में घूम रहे सांड उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। आवारा पशुओं के कारण राहगीरों के लिए भी खतरा बना रहता है। संगठन अध्यक्ष ने पुष्टाहार का हर महीने समय से वितरण सुनिश्चित करने, ग्राम विकास अधिकारियों के ब्लॉक पर बैठने का दिन तय करने और आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। समिति ने चेताया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इसे लेकर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें