अंबेडकरनगर में सरयू नदी में डूबी नवविवाहिता जया पांडेय (19) की तलाश शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। एसडीआरएफ टीम के लौटने के बाद परिजनों और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में स्टीमर से नदी में सघन खोज अभियान चलाया गया। हालांकि, देर तक तलाश के बावजूद जया का कोई सुराग नहीं मिल सका। जया के पिता शैलेश पांडेय ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेटी की तलाश में प्रशासन की ओर से पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। बेटी को खोजने की उम्मीद में उन्होंने अपने निजी खर्च से स्टीमर में डीजल डलवाया और शुक्रवार को उसी के जरिए नदी में तलाश कराई। उनका कहना है कि बेटी के मिलने तक वह हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। जया बुधवार को अपनी छोटी बहन शुभी पांडेय (15) के साथ रामनगर दवा लेने के लिए घर से निकली थी। चहोड़ा नदी के पास जया ने अपनी छोटी बहन से फोटो खींचने के लिए कहा। शुभी के मुताबिक, फोटो खिंचवाने के दौरान अचानक जया का पैर नीचे चला गया और वह पानी में डूबने लगी। शुभी ने उसे बचाने के लिए उसका हाथ पकड़ा, लेकिन हाथ छूट गया। इसी दौरान शुभी भी दलदल में फंस गई, हालांकि किसी तरह उसकी जान बच गई। हादसे के बाद पुलिस, स्थानीय नाविक और ग्रामीणों ने नदी में तलाश शुरू की। गुरुवार को एसडीआरएफ की टीम ने भी कई घंटे तक सघन अभियान चलाया, लेकिन जया का पता नहीं चल सका। एसडीआरएफ के लौटने के बाद शुक्रवार को स्टीमर के जरिए नदी में खोज का दायरा बढ़ाया गया। जया की तलाश में उसके माता-पिता और भाई-बहन तीन दिनों से नदी घाट पर डटे हैं। मां ममता, पिता शैलेश और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अब भी जया के सकुशल मिलने की उम्मीद है। हर गुजरते घंटे के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। जया की शादी इसी वर्ष अप्रैल में आजमगढ़ के कन्हैया गांव निवासी शेषनाथ पांडेय के पुत्र सूरज से हुई थी। पिता के अनुसार, शादी के बाद जया की अभी केवल एक बार विदाई हुई थी और शुक्रवार को उसकी दोबारा विदाई होनी थी। इसी बीच बुधवार को नदी में डूबने की घटना हो गई। थानाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जया की तलाश लगातार जारी है। शुक्रवार को स्टीमर से नदी में दिनभर खोजबीन कराई गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जया का कोई सुराग नहीं मिल सका था।