आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव सहाई में बृहस्पतिवार रात को श्मशान के पास बने मकान और मंदिर में रहने वाले साधु धर्मवीर सालंकी की भतीजे ने साथी के साथ मिलकर सिलबट्टे से सिर कुचलकर हत्या कर दी। उनके सिर पर पत्थर से ताबड़तोड़ कई प्रहार किए। शुक्रवार सुबह परिजन के घर पहुंचने पर खून से लथपथ शव मिलने पर घटना का पता चला। कमरे में शव के पास ही खून लगा पत्थर पड़ा मिला। मृतक पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। देर रात पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। साथी की तलाश की जा रही थी। गांव सहाई निवासी 42 वर्षीय धर्मवीर सोलंकी चार भाइयों में सबसे छोटे और अविवाहित थे। अकेले रहते थे। उनके बड़े भाई राजकुमार (62), वासुदेव (55) और देशराज (50) हैं। धर्मवीर मंदिर पर पूजा करने के बाद रोजाना पूरे गांव की परिक्रमा करते थे। रोजाना सुबह करीब छह बजे उठकर पशुओं को चारा डालते थे। शुक्रवार सुबह वह चारा डालने नहीं पहुंचे तो भतीजे सौरभ ने मोबाइल पर काॅल की। कई बार कॉल करने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर अनहोनी की आशंका हुई। सौरभ सुबह करीब आठ बजे उनके घर पहुंचा। मुख्य दरवाजे की कुंडी अंदर से लगी थी जबकि कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। दरवाजा नहीं खुलने पर दीवार फांदकर भतीजा अंदर पहुंचा। कमरे में धर्मवीर का खून से लथपथ शव मिला। उनके सिर पर चोट के निशान थे। जिस पत्थर से साधु की हत्या की गई, उसको पुलिस ने कब्जे में ले लिया। डॉग स्क्वायड की मदद से हमलावरों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। चर्चा है कि एक वर्ष पहले धर्मवीर ने अपनी लाखों रुपये की संपत्ति बेची थी। रकम बैंक खातों में जमा है। इसी में से कुछ लोगों को ब्याज पर रकम दी गई थी। इसके साथ ही धर्मवीर आगामी पंचायत चुनाव में सहाई गांव से प्रधान पद के उम्मीदवारी की तैयारी कर रहे थे। उनके पास तीन बीघा जमीन थी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है।