आगरा के बाह के बिक्रमपुर घाट गांव में घर के कमरे में बंद कर सूरजमुखी को इस कदर पीटा कि शरीर पर चोट के नीले निशान बन गये। पड़ोसियों की मदद से उसकी जान तो बच गई, लेकिन गोद से दुधमुंहा बच्चा छीन लिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्चे समेत ससुराली घर पर नहीं मिले। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर घायल महिला का मेडिकल कराया है। बिक्रमपुर घाट की सूरजमुखी ने बाह थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी के मुताबिक 15 अक्टूबर को रात 8 बजे वह घरेलू काम कर रही थी। तभी पति नीलू, जेठ श्यामबाबू, सास लौंगश्री ने गाली गलौज के विरोध पर उसे कमरे में बंद कर लिया। उसके साथ लात, घूसों, डंडों से मारपीट की। चीखने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। पड़ोसी आए, तब उसकी जान बच सकी। धमकी दी है कि शिकायत की तो जान से मार देंगे। पड़ोसियों के फोन मायके में कॉल की। मां के साथ घर से निकल पाई। उसका एक साल का बेटा भी छीन लिया है। मां के साथ थाने पहुंची सूरजमुखी की तहरीर पर बाह पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मेडिकल कराया है। बच्चे को दिलाने के लिए पुलिस घर पर पहुंची, लेकिन कोई मिला नहीं।