सोशल मीडिया पर अपनी 12 वर्षीय बहन की आंखों की सर्जरी के नाम पर करीब 2.35 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने बाह के बड़ागांव निवासी जय सिंह राठौड़ उर्फ जयवीर सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। धोखाधड़ी का खुलासा होने पर आगरा के एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने बाह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आगरा के ईदगाह कुतलपुर निवासी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मदन मोहन सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि जय सिंह राठौड़ उर्फ अजयवीर सिंह ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हुए अपनी बहन की आंखों की सर्जरी के लिए धन जुटाया। उसने दावा किया था कि उसकी बहन ग्लूकोमा/विट्रियस हेमरेज से पीड़ित है और उसकी दृष्टि जाने का खतरा है। दिल्ली स्थित श्राफ आई सेंटर में इलाज के लिए धन की कमी का हवाला देते हुए उसने भावनात्मक अपील की और करीब 2.35 लाख रुपये की धनराशि जुटाई। धन जुटाने के बाद, आरोपी ने अपने प्लेटफॉर्म से भुगतान का विवरण हटा दिया और कहा कि पर्याप्त राशि मिल गई है। शक होने पर, अस्पताल से संपर्क किया गया, जहां श्राफ आई सेंटर ने चेतावनी जारी की कि किसी ने उनके लेटरहेड का उपयोग करके फर्जी रोगी रिकॉर्ड, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और फर्जी अनुमानित व्यय पत्र बनाकर सहायता मांगी है। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई रोगी उनके यहां पंजीकृत नहीं है। आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा और उसने कभी अपनी गलती स्वीकार की, कभी पिता के इलाज का हवाला दिया, तो कभी बैंक खाते की सीमा का उल्लेख किया। कुछ आंशिक वापसी के स्क्रीनशॉट भी सामने आए, लेकिन पूरी राशि की वापसी स्पष्ट नहीं हो पाई। फोन कॉल पर संपर्क करने पर इनकमिंग कॉल बंद पाई गई। बाह पुलिस ने शुक्रवार को जय सिंह राठौड़ उर्फ जयवीर सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।