राजधानी शिमला के रिज मैदान पर वन विभाग की ओर से आयोजित वन्यजीव सप्ताह के तहत प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे हस्तनिर्मित उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में प्रदेश और शिमला जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल पर हाथों से बुने हुए सजावटी उत्पाद, पाइन नीडल से तैयार किए गए सामान और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण ऊन से हाथ से कातकर बनाए गए वन्यजीवों के पुतले हैं। इन पुतलों के माध्यम से विभिन्न जीवों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। वन्यजीव सप्ताह की थीम से जुड़े इन उत्पादों को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों की रुचि बनी हुई है। पाइन नीडल से तैयार किए गए उत्पाद भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर तैयार किए जा रहे इन उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक हुनर और स्थानीय स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। रिज मैदान पर लगी यह प्रदर्शनी वन्यजीव संरक्षण, स्थानीय कला और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को एक मंच पर प्रदर्शित कर रही है।