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मोहाली: मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों आशा व मिड-डे-मील वर्करों का प्रदर्शन

शाहिल शर्मा Updated Tue, 08 Sep 2026 07:23 PM IST

मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होने, न्यूनतम वेतन के दायरे में नहीं लाए जाने और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने से नाराज हजारों आशा वर्करों, फैसिलिटेटरों और मिड-डे-मील वर्करों ने मंगलवार को फेज-8 स्थित अंब साहिब गुरुद्वारा के पास एकत्र होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। मानदेय वर्कर्स मोर्चा पंजाब के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय रैली के बाद वर्करों ने मुख्यमंत्री की चंडीगढ़ स्थित रिहायश की ओर रोष मार्च किया। चंडीगढ़ की सीमा पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान करीब 15 से 20 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान हुई। इसके बाद प्रशासन की ओर से 9 सितंबर को कैबिनेट सब-कमेटी के साथ बैठक का आश्वासन मिलने पर वर्करों ने मार्च समाप्त कर दिया। रैली में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने मानदेय वर्करों के भत्ते दोगुने करने समेत कई वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद इन पर अमल नहीं किया गया। उनका कहना था कि साढ़े चार साल बीतने के बावजूद आशा और मिड-डे-मील वर्करों के मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। वर्कर नेताओं ने कहा कि कम मानदेय में महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा योजना कर्मियों को नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से सभी स्कीम वर्करों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने की मांग की।

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