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मोहाली: रक्षाबंधन पर जिंदगी की जंग हार गई नाबालिगा, फेज-7 में आग लगाने के मामले में पीजीआई में मौत

मयूर शर्मा Updated Fri, 28 Aug 2026 06:17 PM IST

रक्षाबंधन के दिन उस परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं, जिसकी आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी पिछले सात दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। औद्योगिक क्षेत्र फेज-7 में 21 अगस्त को सैनिटाइजर डालकर आग लगाए जाने के मामले में पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन नाबालिगा ने रक्षाबंधन के दिन दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौत की सूचना मिलने के बाद मामले में हत्या की धारा 103(1) भी जोड़ दी है। ननिहाल जाने के लिए निकली थी बच्ची पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को पंजाब बंद के दौरान नाबालिगा अपने ननिहाल बलौंगी जाने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में वह अपने परिचित दीपक कुमार के घर के सामने से गुजर रही थी। आरोप है कि दीपक उसे घर के अंदर ले गया। इसी दौरान बच्ची के पिता उसकी तलाश करते हुए दीपक के घर पहुंच गए। वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद की रंजिश में दीपक अपने परिवार के सदस्यों के साथ नाबालिगा के घर पहुंचा। आरोप है कि घर की ऊपरी मंजिल पर नाबालिगा पर सैनिटाइजर डालकर उसे आग लगा दी गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को परिजनों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे बेहतर उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। बयान देने की स्थिति में आई तो दीपक को बताया जिम्मेदार इलाज के दौरान जब नाबालिगा बयान देने की स्थिति में आई तो उसने अपनी हालत के लिए दीपक कुमार को जिम्मेदार बताया। इसके आधार पर थाना फेज-1 पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 109, 74, 331, 124(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक कुमार निवासी बलौंगी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसके पिता रमेश और चाचा मोहन को भी गिरफ्तार किया गया। मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ी, दो आरोपी अभी फरार नाबालिगा की पीजीआई में मौत होने के बाद पुलिस ने केस में बीएनएस की धारा 103(1) यानी हत्या की धारा जोड़ दी है। पुलिस अब मामले की जांच इसी आधार पर आगे बढ़ा रही है। वहीं, मामले में नामजद मुख्य आरोपी दीपक के दो चचेरे भाइयों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। जिस दिन घर-घर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार मनाया जा रहा था, उसी दिन इस परिवार की मासूम बेटी हमेशा के लिए उनसे दूर चली गई। बेटी को बचाने की उम्मीद में परिवार पिछले कई दिनों से अस्पताल में था, लेकिन रक्षाबंधन के दिन मिली उसकी मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।

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