धनौला थाने में एक युवक द्वारा जहरीली दवा निगलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना में युवक की पहचान जोबनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दवा निगलने के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए बरनाला के बीएमसी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे 24 घंटे के लिए आईसीयू में निगरानी में रखा है। घटना से पहले सोशल मीडिया पर जोबनप्रीत सिंह का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में युवक ने आरोप लगाया कि उसकी स्विफ्ट कार में 11 सितंबर को शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। इस घटना की पुलिस रिपोर्ट हासिल करने के लिए वह करीब 17 दिनों से थाने के चक्कर लगा रहा था। युवक ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट तैयार करने के बदले उससे पैसों की मांग की जा रही थी। उसने धनौला थाने के मुंशी, एसएचओ और एक पटवारी पर भी गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपों को बताया जांच का विषय मामले में पुलिस का पक्ष सामने रखते हुए डीएसपी डी. राजिंदर पाल सिंह ने बताया कि युवक द्वारा दवा निगलने के बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस जांच में युवक के पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक इसके पीछे परिवार से संबंधित जमीन-जायदाद का विवाद भी बताया जा रहा है। डीएसपी के अनुसार 11 सितंबर को जोबनप्रीत की स्विफ्ट कार में आग लगने की घटना हुई थी, जिसकी सूचना थाने के रोज़नामचे में करीब रात 10:20 बजे दर्ज की गई थी। अगले दिन युवक रिपोर्ट की कॉपी लेने थाने पहुंचा था। उस समय एसएचओ वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थे और युवक को कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा गया था। इसी दौरान उसने जहरीली दवा निगल ली। वहीं, बीएमसी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर ईशान बांसल ने बताया कि युवक को 24 घंटे के लिए आईसीयू में अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है। 24 घंटे की निगरानी के बाद ही उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल पुलिस युवक द्वारा लगाए गए परेशान करने और पैसे मांगने के आरोपों के साथ-साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। डीएसपी ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।