मानसा में परमिंदर सिंह झोटा से जुड़ी घटना के विरोध और पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ 15 अक्टूबर को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का अजनाला में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के मुख्य बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर भी सामान्य दिनों के मुकाबले वाहनों की आवाजाही कम दिखाई दी। ‘वारिस पंजाब दे’ और पीड़ित परिवार की ओर से किए गए बंद के आह्वान के समर्थन में स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बंद के दौरान किसी पर दुकानें बंद करने का दबाव नहीं बनाया गया। वहीं, लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर जैसी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई। नशे के बढ़ते कारोबार पर जताई चिंता बंद के दौरान स्थानीय निवासियों ने पंजाब में नशे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताई। लोगों का कहना था कि नशे के कारण युवाओं की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अजनाला के आसपास के गांवों सुल्तानपाल, संगतपुर और लखूवाल में भी नशे की ओवरडोज से युवाओं की मौत की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग बंद का समर्थन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभी और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उनका कहना था कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हमले की घटनाएं भी गंभीर चिंता का विषय हैं। परमिंदर सिंह झोटा से जुड़ी घटना के विरोध में लोगों ने नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई। स्थानीय निवासियों ने सरकार और प्रशासन से नशा तस्करी पर अंकुश लगाने तथा युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक समस्या से निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को भी आगे आना होगा। शांतिपूर्ण रहा बंद अजनाला में पंजाब बंद के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही। बाजारों में बंद दुकानें और सड़कों पर कम आवाजाही देखने को मिली। बंद के जरिए लोगों ने नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ अपनी चिंता जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन से इस समस्या पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।