बाबा रोडे शाह के दरबार में आस्था का एक अनोखा रूप देखने को मिलता है। यहां श्रद्धालु शराब को सामान्य पेय नहीं, बल्कि बाबा का प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त शराब की बोतलें लेकर दरबार में पहुंचते हैं और उन्हें बाबा को चढ़ा देते हैं। इसके बाद उसी शराब को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है, जिसके लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा रोडे शाह की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए मन्नत पूरी होने के बाद वे शराब की बोतलें अर्पित करते हैं। दरबार के सेवादार इन बोतलों को स्वीकार करते हैं और फिर इसे प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटते हैं। लोग इसे बड़े चाव से ग्रहण करते हैं और मानते हैं कि इससे उनकी मुरादें और पूरी होंगी तथा बाबा की कृपा बनी रहेगी।