पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ प्रस्तावित बैठक ऐन मौके पर रद्द किए जाने तथा आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को कथित रूप से डराने-धमकाने के लिए विभिन्न विभागों से पत्र जारी किए जाने के विरोध में कर्मचारी संगठनों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर सांझा मोर्चा तथा सांझा कर्मचारी मंच पंजाब की तालमेल कमेटी के आह्वान पर सांझी तालमेल कमेटी गढ़शंकर ने स्थानीय कचहरियों के सामने मुख्यमंत्री पंजाब का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं मुकेश कुमार, मख्खण मोइलावाहदपुरी, संदीप सिंह गिल, प्रिंसिपल बिक्कर सिंह, विनोद कुमार, सुखदेव डानसीवाल, नरेश कुमार, शंगारा भज्जल, सुंदर मणियम, नरेंद्र और अमरीक सिंह ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के बजाय कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता अपना रही है। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों को बैठक के लिए बुलाना और फिर ऐन समय पर पीछे हट जाना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अगस्त को कर्मचारियों द्वारा सामूहिक छुट्टी लेकर लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध के बाद सरकार ने दबाव बनाने के लिए विभिन्न विभागों से पत्र जारी करवाने शुरू कर दिए।