फरीदकोट में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को सरकारी विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने कलम छोड़ हड़ताल की। कर्मचारियों ने मिनी सचिवालय स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने में सांझा मंच से जुड़े कर्मचारी व पेंशनर संगठनों के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांग 27 अगस्त को पंजाब महाबंद के दौरान सामूहिक छुट्टी लेने वाले कर्मचारियों को जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेना है। इसके अलावा पहले स्वीकार की जा चुकी मांगों को लागू करने की मांग भी की गई। नेताओं ने डीए की बकाया किस्तों का भुगतान, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगें उठाईं। मिनिस्टीरियल कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय नेता गुरनाम सिंह विर्क ने कहा कि 7 सितंबर तक नोटिस वापस नहीं लिए जाने पर 8 सितंबर को हड़ताल का फैसला लिया गया था। उन्होंने बताया कि संघर्ष की अगली कड़ी में 12 सितंबर को फरीदकोट में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें आसपास के जिलों के कर्मचारी व पेंशनर संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।