बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां गोलीकांड की घटनाओं को 11 साल बीत जाने के बावजूद इंसाफ नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर कोटकपूरा में गूंजा। बुधवार को दरबार-ए-खालसा के प्रमुख और सिख प्रचारक भाई हरजिंदर सिंह मांझी के नेतृत्व में विभिन्न सिख संगठनों ने बतियां वाला चौक में लाहनत दिवस मनाकर पिछली सरकारों से लेकर मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार तक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस दौरान सिख समाज से इंसाफ की मांग को लेकर एकजुट होने की अपील की गई। कार्यक्रम में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा, कोटकपूरा के कांग्रेस नेता अजयपाल सिंह संधू और विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान भाई हरजिंदर सिंह मांझी ने 10 पन्नों का शर्म पत्र पढ़कर पिछली सरकारों समेत वर्तमान सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया और इसकी एक प्रति स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को सौंपी। सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में भी बेअदबी तथा गोलीकांड के मामलों में इंसाफ का इंतजार खत्म नहीं हुआ। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले इन मामलों में इंसाफ दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उस पर वादे पूरे नहीं करने और झूठ बोलने के आरोप लगाए। भाई हरजिंदर सिंह मांझी ने कहा कि वर्ष 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं और बहिबल कलां गोलीकांड के मामलों में 11 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इन मामलों में इंसाफ नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। दूसरी ओर, विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सरकार इंसाफ दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है और सिख समाज की भावनाओं के अनुरूप न्याय सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।