सरकार के साथ बैठक बेनतीजा रहने से नाराज कर्मचारियों और पेंशनरों ने वीरवार को कोटकपूरा में रोष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका। पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और तालमेल कमेटी के आह्वान पर विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगें पूरी करने की मांग की। इससे पहले कर्मचारियों ने सामूहिक छुट्टी लेकर जिला स्तर पर धरने दिए थे। इसके बाद वीरवार को सब-डिवीजन स्तर पर प्रदर्शन कर आंदोलन को आगे बढ़ाया गया। कर्मचारी नेता प्रेम चावला, प्रीत भगवान सिंह और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों से कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बार-बार मांगें उठाने और बैठकें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं निकल रहा। प्रदर्शनकारियों ने 18 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। इसके अलावा आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों और आंगनवाड़ी वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी, भर्ती संबंधी वेतनमान के विवादित पत्रों को रद्द करने तथा अदालतों के फैसलों को लागू करने की मांग भी की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को स्वीकार कर लागू किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस फैसला लेने की अपील की।