फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर पंजाब सरकार और जेल प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए। इसके तहत जेल में बंद कैदियों और हवालातियों को अपनी बहनों से मुलाकात कर राखी बंधवाने का अवसर दिया गया। इस दौरान 500 से अधिक बहनें जेल पहुंचीं और अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके अच्छे भविष्य की कामना की। जेल की ड्योढ़ी के अंदर बहनों को अपने भाइयों के रूबरू होकर राखी बांधने के साथ परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर बातचीत करने का अवसर भी मिला। मुलाकात के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते समय भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कामना की कि उनके भाई जल्द अपनी सजा पूरी कर परिवार के बीच लौटें। वहीं, जेल में बंद कई कैदियों ने अपने किए पर पछतावा जाहिर करते हुए भविष्य में दोबारा अपराध नहीं करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि सजा पूरी करने के बाद जेल से बाहर निकलकर वे एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर जीवन बिताएंगे और ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे, जिसके कारण उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़े। जेल प्रशासन की ओर से बहनों और परिवारों की मुलाकात के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा कारणों के चलते बाहर से किसी भी तरह का सामान जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन की ओर से ही मुलाकात के दौरान परिवारों के लिए मिठाई का प्रबंध किया गया। जेल सुपरिंटेंडेंट इकबाल सिंह धालीवाल ने बताया कि डीजीपी जेल और पंजाब सरकार की हिदायतों के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर यह विशेष व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और परिवार के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए करीब 15 से 20 मिनट का समय दिया गया। सुरक्षा के साथ-साथ बहनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भी उचित प्रबंध किए गए थे। रक्षाबंधन के अवसर पर जेल पहुंचे परिजनों और कैदियों ने पंजाब सरकार तथा जेल प्रशासन का धन्यवाद करते हुए इस पहल की सराहना की।