सरकारी मुलाजिमों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कलम छोड़ हड़ताल की। मुलाजिमों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। हड़ताल के चलते डीसी कार्यालय समेत कई सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित रहा और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने पर बैठे मुलाजिमों ने कहा कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के बकाये का भुगतान करने, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने की मांग की। इसके अलावा कर्मचारियों ने अन्य सेवा संबंधी मांगों को भी जल्द पूरा करने की अपील की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सरकारी कर्मचारियों की ओर से डीए के बकाये, ओपीएस और अन्य मांगों को लेकर उनका आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।