फिरोजपुर छावनी में वजीर वाली इमारत के पास बनी दुकानों को तोड़ने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारी पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। दुकानदारों के विरोध के बाद कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारी मौके से लौट गए। दुकानदारों का कहना है कि कैंटोनमेंट क्षेत्र में आज भी अंग्रेजों के समय के पुराने कानून लागू हैं, जिनके कारण उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से कैंटोनमेंट क्षेत्रों में लागू पुराने कानूनों में बदलाव करने की मांग की। दुकानदारों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 जैसे बड़े फैसले ले सकती है तो कैंटोनमेंट क्षेत्रों में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों को भी समाप्त किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दुकानें तोड़े जाने से कई परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने सरकार से कार्रवाई रोककर उन्हें राहत देने की मांग की है।