भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की राज्य कमेटी के आह्वान पर आज पंजाब भर के सभी जिलों में डीसी दफ्तरों के बाहर किसानों की ओर से अपनी 13 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन पक्के मोर्चे शुरू किए गए। इसी के तहत मोगा में भी किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना लगाकर पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर किसान नेता इकबाल सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर संगठन की ओर से पूरे पंजाब में यह संघर्ष शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की सभी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह धरना लगातार जारी रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करना, लैंड पूलिंग पॉलिसी को रद्द करना, फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा देना, किसानों के कर्ज माफ करना, फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी देना, किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेना और बिजली बिल 2020 को वापस लेना शामिल हैं। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य कमेटी के निर्देशों के अनुसार पंजाब के सभी जिलों में डीसी दफ्तरों के बाहर पक्के मोर्चे लगाए गए हैं और मांगें पूरी होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।