मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को गढ़शंकर में विभिन्न लोकतांत्रिक एवं जन संगठनों ने रोष मार्च निकाला। मुकेश कुमार, दर्शन सिंह मट्टू, शादी राम कपूर, हरमेश ढेसी और डॉ. जोगिंदर कुलेवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने गांधी पार्क में एकत्र होने के बाद शहर के बाजारों से मार्च निकाला। इसके बाद मुख्य चौक में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंककर नारेबाजी की गई। इस मौके पर नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और एसआईआर प्रक्रिया बंद की जाए। उन्होंने नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी वाली व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। साथ ही, एसआईआर के बाद हुए चुनावों को पुरानी मतदाता सूचियों के आधार पर कराने की मांग उठाई। वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार तथा महिला पत्रकारों और युवा महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई बदसलूकी की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। इस अवसर पर कलभूषण महिदवाणी, महिंदर सिंह बडोआण, सुखदेव डानसीवाल, मलकीत बाहोवाल, गुरनेक भज्जल, संदीप गिल, दविंदर राणा, शाम सुंदर कपूर, हंस राज, विनोद कुमार, कुलविंदर संघा, रामजी दास चौहान, रणजीत पौसी, माखन लंगेरी, मनदीप कुमार सहित विभिन्न संगठनों के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फोटो कैप्शन: गढ़शंकर में विभिन्न जन संगठनों के कार्यकर्ता और मुख्य चौक में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंककर प्रदर्शन करते हुए।