लेह से श्रीनगर की ओर आ रहे आर्मी के सामान से लदे ट्रक के खाई में गिरने से पठानकोट के गांव फंगतौली निवासी 26 वर्षीय ग्रीफ जवान विशाल सिंह पठानिया की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उसके साथ ड्यूटी पर तैनात एक अन्य जवान भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक जवान की पहचान विशाल सिंह पठानिया पुत्र महिंदर सिंह पठानिया निवासी गांव फंगतौली, पठानकोट के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार विशाल अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसकी पत्नी नौ माह की गर्भवती है। ऐसे में हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और बच्चे के जन्म से पहले ही परिवार से उसका सहारा छिन गया। तीन साल पहले ग्रीफ में ज्वाइन की थी ड्यूटी ग्रामीणों ने बताया कि विशाल सिंह पठानिया करीब तीन वर्ष पहले ही ग्रीफ (जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स) में भर्ती हुआ था और बतौर ड्राइवर अपनी सेवाएं निभा रहा था। खास बात यह है कि विशाल के पिता महिंदर सिंह पठानिया भी ग्रीफ में तैनात रहे हैं। परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए विशाल भी पूरी मेहनत और लगन से नौकरी कर रहा था। जानकारी के अनुसार विशाल लेह से श्रीनगर की तरफ एक ट्रक में आर्मी का सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि विशाल की मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ वाहन में मौजूद एक अन्य जवान भी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। घर में मातम, जन्म से पहले बच्चे ने खोया पिता विशाल की मौत की खबर जैसे ही फंगतौली गांव में पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ ही समय बाद बच्चे के जन्म को लेकर खुशियां आने वाली थीं, वहां मातम छा गया। ग्रामीणों के अनुसार विशाल अपनी पत्नी और परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा था। अब उसकी पत्नी के सामने गर्भावस्था के इस अंतिम पड़ाव में पति को खोने का दुख और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ दोनों आ गए हैं। ग्रामीणों ने सरकार से की नौकरी और आर्थिक मदद की मांग हादसे के बाद गांववासियों ने सरकार और संबंधित विभाग से पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विशाल परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विशाल की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि वह अपने आने वाले बच्चे और परिवार का पालन-पोषण कर सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले जवान के परिवार को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए।