पश्चिमी देश के एक होटल में कथित तौर पर पगड़ीधारी सिख को प्रवेश न दिए जाने के मामले पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना बताया है। मीडिया से बातचीत में ग्रेवाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उसकी धार्मिक पहचान, पगड़ी या पहनावे के कारण होटल में प्रवेश से रोका गया है तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के साथ कथित तौर पर बदसलूकी भी की गई और होटल के लिए पहले से जमा कराई गई राशि भी वापस नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पगड़ी सिख धर्म की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। ग्रेवाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर में सिख समुदाय ने बिना धर्म, जाति और नस्ल का भेद किए मानवता की सेवा की थी। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित देश में सक्रिय सिख संस्थाओं से संपर्क किया जाएगा। यदि जांच में भेदभाव की पुष्टि होती है तो मामला संबंधित सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा।