साझा कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर बुधवार को पंजाब भर में सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल की। इसके चलते कई सरकारी विभागों का कामकाज प्रभावित रहा। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, जबकि मरीजों की सुविधा के लिए केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं। अमृतसर के सिविल अस्पताल में तालमेल कमेटी पैरामेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी पंजाब की जिला यूनियन ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, क्लास फोर कर्मचारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगें पूरी करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित रूप से पूरी तनख्वाह नहीं मिल रही है। वहीं, लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) भी जारी नहीं किया गया। कर्मचारी नेताओं ने 18 प्रतिशत लंबित डीए जारी करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने और नए भर्ती कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह व बनते भत्ते देने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि मांगों को लेकर सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो राज्य स्तर पर होने वाले अगले संघर्ष में कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।