दिल्ली में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने और कथित वोट चोरी के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस पार्टी के हरियाणा प्रदेश प्रवक्ता पंडित सुमन शर्मा को शनिवार को उनके साथियों सहित डिटेन कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें उनके कार्यालय से डिटेन कर किला बाजार पुलिस चौकी ले गई। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया और पार्षद नितेश शर्मा भी पुलिस चौकी पहुंच गए। चौकी के अंदर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया। पार्षद नितेश शर्मा ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा को हिरासत में लिए जाने की भी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को अपनी बात रखने और जनता से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। यदि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहा है तो सरकार को उन सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि आंदोलन में शामिल होने जा रहे नेताओं को डिटेन करना चाहिए। विपक्ष की आवाज दबाने से नहीं सुलझेंगे सवाल नितेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी बात रख रही है। इसी मुद्दे पर दिल्ली में आंदोलन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए पंडित सुमन शर्मा अपने साथियों के साथ जा रहे थे। उन्हें कार्यालय से डिटेन करके पुलिस चौकी ले जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका होती है। विपक्ष का काम सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना और जनता के मुद्दों को उठाना है। ऐसे में विरोध की आवाज को रोकने के बजाय उठाए जा रहे सवालों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई भी निंदनीय है। शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें और विचार सामने रखना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे और इस प्रकार की कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुलिस चौकी के अंदर की नारेबाजी पंडित सुमन शर्मा और उनके साथियों को किला बाजार पुलिस चौकी ले जाए जाने के बाद वहां पहुंचे पार्षद नितेश शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चौकी के अंदर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेताओं को डिटेन किए जाने पर नाराजगी जताई। नितेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान दिया जाना चाहिए। जनता और विपक्ष के सवालों को दबाने के बजाय उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेताओं को डिटेन किए जाने की इस घटना को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोष व्यक्त किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।