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उमरिया की शर्मनाक तस्वीर: कफन में लिपटे जनाजे को दफनाने का अलग ही संघर्ष, तीन फीट पानी में से निकले लोग

Wed, 23 Sep 2026 05:08 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

उमरिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने उमरिया जिले में अंतिम सफर से जुड़ी ऐसी तस्वीर सामने ला दी है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वीडियो में लोगों का एक समूह नदी की धार के बीच से जनाजा लेकर गुजरता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो नौरोजाबाद से सटे ग्राम कंचनपुर का है, जहां कब्रिस्तान नदी के दूसरी ओर होने के कारण अंतिम यात्रा के दौरान लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

हालांकि इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता। वीडियो को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, कंचनपुर के पीपल चौक के पास रहने वाले मुजीबुर्रहमान का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हुआ था। बुधवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए जनाजा कब्रिस्तान की ओर ले जाया गया। रास्ते में नदी की धार होने के कारण लोगों को करीब 4 से 5 फीट गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। वायरल वीडियो में नदी की धार के बीच से शव को लेकर जाते लोग दिखाई दे रहे हैं। तेज बहाव और गहराई के बीच इस तरह शव को ले जाना जोखिम से खाली नहीं था। बताया जा रहा है कि पानी की स्थिति देखकर कई लोग नदी पार करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

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मौत के बाद भी खत्म नहीं हुई परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी पर रपटा या सुरक्षित रास्ते की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सामान्य आवागमन के लिए सुरक्षित रास्ता जरूरी है, तो अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को पानी के बीच से गुजरने की मजबूरी क्यों बनी हुई है। मामले में करकेली जनपद पंचायत के सीईओ प्रभांशु सिंह ने कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसीलदार से चर्चा कर यह जानकारी ली जाएगी कि वहां श्मशान के लिए भूमि आवंटित है या नहीं और पूरे मामले को देखा जाएगा।

ज्वालामुखी टोला में भी सामने आ चुकी है ऐसी परेशानी
उमरिया मुख्यालय के ज्वालामुखी टोला में भी मरघटी नदी के दूसरी ओर श्मशान घाट होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार हाल ही में अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय तेज बहाव में शव दो बार नदी में बह गया था। परिजनों ने तत्काल उसे पकड़कर बाहर निकाला, जिसके बाद अंतिम संस्कार हो सका।

स्थानीय पार्षदों ने नगर पालिका और प्रशासन से रपटा सहित सुरक्षित मार्ग की मांग की है। अब कंचनपुर का वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या अंतिम सफर को सम्मानजनक और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन स्थायी रास्ता उपलब्ध कराएगा, या फिर अगली बारिश तक वही जोखिम भरी तस्वीर दोहराई जाएगी। 

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