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डिंडौरी: सड़क नहीं बनी तो खटिया बनी एंबुलेंस, कीचड़ भरे रास्ते से वृद्धा को अस्पताल पहुंचाने की जद्दोजहद

Sun, 30 Aug 2026 04:42 PM IST
डिंडोरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी

बारिश का मौसम ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसानों के लिए राहत लेकर आता है, वहीं कई गांवों के लोगों के लिए यही बारिश मुसीबत बन जाती है। आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले के करंजिया क्षेत्र में सड़क सुविधा की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। करंजिया के पंकु टोला में बारिश के बाद रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई कि एक बीमार बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए खटिया पर लिटाकर ग्रामीणों को कांधे पर उठाकर ले जाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने के बाद परिजन और ग्रामीण उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन गांव तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और पानी से इतना खराब था कि किसी वाहन का पहुंचना संभव नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों ने खटिया को ही सहारा बनाया। महिला को खटिया पर लिटाया गया और रस्सी के सहारे उसे कई लोगों ने मिलकर कीचड़ भरे रास्ते से बाहर तक पहुंचाया। इस दौरान ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

बारिश शुरू होते ही बढ़ जाती है परेशानी
पंकु टोला के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सामान्य दिनों में किसी तरह ग्रामीण आवागमन कर लेते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही हालात गंभीर हो जाते हैं। रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और जलभराव होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन गांव तक पहुंच नहीं पाते।

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सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को होती है। अचानक किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहता। कई बार मरीज को वाहन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ता है।

सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं भी दूर
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद खराब सड़क के कारण जरूरतमंद मरीज समय पर इलाज तक नहीं पहुंच पाते। पंकु टोला की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि गांव तक पहुंचने के लिए सुगम सड़क नहीं होगी तो आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को कैसे मिल सकेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंकु टोला तक पहुंच मार्ग की स्थिति का जल्द जायजा लेकर सड़क निर्माण या मरम्मत की स्थायी व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में मरीजों को खटिया पर उठाकर ले जाने की मजबूरी खत्म होनी चाहिए। सड़क सुविधा बेहतर होने से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, बल्कि ग्रामीणों का दैनिक आवागमन भी सुगम हो सकेगा। रास्ते में बैठना पड़ा। 

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