डॉक्टर बनने का सपना आंखों में हो तो क्लासरूम भी अस्पताल का रूप ले सकता है। राजधानी के लालबाग स्थित सहायता प्राप्त लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज की 11वीं और 12वीं की 30 से अधिक छात्राओं ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। पढ़ाई के बीच मिलने वाले समय में छात्राएं अपनी ही कक्षा में बनाई गई मिनी ओपीडी में साथी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। यहां किताबों के साथ स्टेथोस्कोप, बीपी मशीन, थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर भी नजर आते हैं। छात्राओं ने यह पहल कोरोना काल से प्रेरणा लेकर शुरू की। मेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का लक्ष्य रखने वाली छात्राओं ने कक्षा के एक हिस्से को मिनी ओपीडी का रूप दिया है। यह उनके लिए महज एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि डॉक्टर बनने के सपने को व्यवहारिक रूप देने की कोशिश है। पढ़ाई के बीच मिलने वाले समय में ओपीडी में साथी छात्राओं का बेसिक हेल्थ चेकअप किया जाता है। साथ ही सीपीआर का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मिनी ओपीडी में ब्लड प्रेशर की जांच धड़कन, बुखार और हीमोग्लोबिन जैसी बुनियादी स्वास्थ्य जांचें की जाती हैं। आने वाली छात्राओं का हेल्थ कार्ड और रिकॉर्ड भी तैयार किया जाता है। इस तरह छात्राएं नीट की तैयारी के साथ प्राथमिक चिकित्सा और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान को भी समझने का प्रयास कर रही हैं।