लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) पहुंचे। यहां उन्होंने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए JPNIC को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि पैसों की खनक के आगे JPNIC को बेच दिया गया। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा करते हुए भाजपा, चुनाव आयोग और प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। JPNIC के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम अखिलेश यादव के JPNIC पहुंचने से पहले केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। मुख्य गेट को टीन की चादरों से ढक दिया गया था। परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे। अखिलेश यादव ने केंद्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इसे कितने रुपये में बेचा गया होगा। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि जेपी हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए खड़े रहे। उन्होंने कहा कि जनता को जितनी पीड़ा होगी, बदलाव उतनी ही तेजी से आएगा। 2027 में बदलाव का दावा, भाजपा पर साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में परिवर्तन होगा और बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अब 40 दिन बचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पवन सिंह का जिक्र किया। अखिलेश यादव ने कहा कि पवन की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे। भाजपा में टिकट वितरण को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भी टिकट के लिए पार्टी के लोगों के बीच लाइन में लगना पड़ता है। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री खुद टिकट बांटते हैं और क्या वह दूसरे नेताओं का टिकट पक्का करा सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब समझ चुकी है। चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का काम अधिक से अधिक लोगों से मतदान कराना है, लेकिन चुनाव के दौरान लोगों को वोट डालने से रोकने का काम किया जाता है। उन्होंने दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने हिटलर के शासन का जिक्र करते हुए मौजूदा हालात पर टिप्पणी की। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग भी की। JPNIC की पार्किंग और निर्माण कार्यों का किया जिक्र JPNIC को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि क्या प्रदेश में इस तरह की कोई दूसरी इमारत है। उन्होंने केंद्र में हेलीपैड और करीब 1200 गाड़ियों की पार्किंग का जिक्र किया। एयरपोर्ट से जुड़ी तुलना करते हुए उन्होंने 800 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी रखा। उन्होंने JPNIC के ठेकेदारों और भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए। रिवरफ्रंट और जलभराव को लेकर सरकार को घेरा लखनऊ में जलभराव की समस्या पर अखिलेश यादव ने रिवरफ्रंट और प्लासियो क्षेत्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले रिवरफ्रंट की तारीफ की थी, लेकिन अब वहां पानी भरने की स्थिति सामने आई है। उन्होंने नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और सिंचाई विभाग के बीच तालमेल की कमी का आरोप लगाया। अखिलेश यादव के मुताबिक, विभागीय अधिकारी यह आकलन नहीं कर पा रहे हैं कि किस क्षेत्र का पानी कहां जाएगा और उसकी निकासी कैसे होगी। उन्होंने बंधों के निर्माण, नाले और पुल की डिजाइन तथा गेट खोले जाने के मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गेट खोलने का फैसला मुख्यमंत्री के आदेश पर हुआ था और नाले तथा पुल की डिजाइन में भी खामियां हैं। JPNIC में माल्यार्पण के बाद अखिलेश यादव के बयानों से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अब इन आरोपों पर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।