2200 साल पुराने अग्निकुंड को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और कौतूहल बना हुआ है। मान्यता है कि इस कुंड की भभूति श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाती है और इससे उनके कई कष्ट दूर होते हैं। खास बात यह बताई जाती है कि कुंड में लगातार अग्नि जलती रहती है, जबकि इसकी भभूति को अलग से निकाला नहीं जाता। भभूति के रहस्यमय ढंग से गायब होने को लेकर आज तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह प्राचीन अग्निकुंड श्रद्धा के साथ-साथ रहस्य का भी केंद्र बना हुआ है।