हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है... पहाड़ों पर बारिश के साथ बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है, तो कई इलाकों में तेज हवाएं भी मुश्किल बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने 28 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए खास अलर्ट है... जबकि शिमला और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना ने भी चिंता बढ़ाई है।
मौसम विभाग के 27 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, 28 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी का भी अनुमान है। यानी सितंबर के आखिरी दिनों में पहाड़ों पर मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिखाई देगा। खासकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है।
मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। किन्नौर में एक-दो जगह मध्यम से भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं लाहौल-स्पीति में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। ऐसे में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर भी बढ़ सकता है।
मैदानी और मध्यवर्ती इलाकों की बात करें तो शिमला और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में भी 28 सितंबर को कई जगह हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
इससे पहले पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। किन्नौर के सांगला में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि कल्पा में 5 सेंटीमीटर और पूह में 3 सेंटीमीटर बारिश हुई। राजगढ़ और सराहन में भी 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यानी पहाड़ी इलाकों में मौसम पहले से ही सक्रिय है।
बारिश और बर्फबारी का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं अधिकतम तापमान में भी धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आने का अनुमान है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। मध्यम से भारी बारिश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना रहेगा। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी होने और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचने और नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने को कहा गया है। खासकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।
हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं। 29 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 30 सितंबर से प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। 1 अक्टूबर को भी अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है।
यानी हिमाचल में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। 28 सितंबर को बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है... तापमान में गिरावट के साथ पहाड़ों पर ठंड बढ़ेगी। वहीं बारिश वाले इलाकों में भूस्खलन और जलभराव के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।