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आईआईआईटी ऊना का 8वां दीक्षांत समारोह: IIIT ऊना के 206 विद्यार्थियों ने हासिल की डिग्री, राज्यपाल ने कहा- ज्ञान को समाज के समाधान में बदलें

Ankesh Dogra Updated Thu, 03 Sep 2026 04:11 PM IST

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना में 8वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 206 युवा प्रौद्योगिकीविदों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 189 बीटेक और 17 एमटेक (सीएसई-डेटा साइंस) विद्यार्थी शामिल रहे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल समाज और देश के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए करने का आह्वान किया। समारोह में हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौड़, कुलसचिव रवि सैनी, शासी मंडल और सीनेट के सदस्य, ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वीरेंद्र कंवर, प्रशासनिक अधिकारी, संकाय सदस्य, अभिभावक और संस्थान से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।’ दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों तथा शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के अंत का नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और अवसरों से भरी यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे समय में तकनीक का उद्देश्य वास्तविक जीवन की समस्याओं और उनके प्रभावी समाधान के बीच की दूरी कम करना होना चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार पेशेवर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि आगे की यात्रा की नींव है। अनुराग सिंह ठाकुर ने स्नातकों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह सीखने का अंत नहीं है। इसके बाद नवाचार, उद्यमिता और लगातार सीखने की यात्रा जारी रहती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस और दृढ़ता के साथ सामना करने तथा उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। प्रो. सिकंदर कुमार ने विद्यार्थियों से केवल रोजगार हासिल करने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कृषि, आपदा प्रबंधन और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में तकनीक की संभावनाओं का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में बदलाव लगातार हो रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने की आदत बनाए रखनी चाहिए। व्यावसायिक सफलता के साथ चरित्र, राष्ट्रीय एकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी है। आईआईआईटी ऊना की उपलब्धियां गिनाईं संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने अकादमिक गतिविधियों, प्लेसमेंट, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की प्रगति का उल्लेख किया। इस वर्ष बीटेक के 189 और एमटेक सीएसई (डेटा साइंस) के 17 विद्यार्थियों समेत कुल 206 विद्यार्थियों ने डिग्री हासिल की। एमटेक सीएसई (डेटा साइंस) के विद्यार्थियों का यह पहला बैच रहा। 95.86 फीसदी विद्यार्थियों का प्लेसमेंट आईआईआईटी ऊना के बीटेक स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर हासिल की। प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल 169 विद्यार्थियों में से 162 विद्यार्थियों का चयन हुआ। विद्यार्थियों को अधिकतम 53.6 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला, जबकि औसत पैकेज 13.46 लाख रुपये सालाना रहा। प्लेसमेंट प्रक्रिया में 70 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया। शाखावार प्लेसमेंट की बात करें तो सीएसई में 96.49 प्रतिशत, ईसीई में 98.31 प्रतिशत और आईटी में 92.45 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन हुआ। बीटेक सीएसई: वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बीटेक ईसीई: चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया। बीटेक आईटी: अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 सीजीपीए के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। तुषार ने 8.79 के साथ रजत और आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया। एमटेक सीएसई (डेटा साइंस): अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों ने शपथ लेकर सत्यनिष्ठा, देश और पेशे के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने संस्थान की गरिमा बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और समाज के हित में अपने तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता जताई। समारोह से एक दिन पहले हाइब्रिड एलुमनी मीट का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक होने वाले विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों ने आपस में अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का समापन आईआईआईटी ऊना के कुलसचिव रवि सैनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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