शहर में एक ओर लोग पेयजल की किल्लत से परेशान हैं और उन्हें छह से सात दिन बाद पानी की सप्लाई मिल रही है। वहीं दूसरी ओर शहर के वार्ड-12 में पेयजल लाइन लीक होने से हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड-12 में पेयजल पाइपलाइन सुबह से लीक है। लगातार पानी बहने के बावजूद अब तक इसे ठीक करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और संबंधित कीमैन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्ड-12 में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पानी का कोई प्राकृतिक स्रोत भी नहीं है। ऐसे में लोगों की पूरी निर्भरता सरकारी पेयजल सप्लाई पर है। लेकिन नियमित सप्लाई नहीं मिलने के कारण उन्हें कई दिनों तक पानी का इंतजार करना पड़ता है। लोगों के अनुसार, छह से सात दिन बाद पानी आने से घरों में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे हालात में पाइपलाइन से पानी का लगातार बहना लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि पेयजल लाइन की लीकेज को तुरंत ठीक करवाया जाए, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। लोगों का कहना है कि जब शहर के कई हिस्से पानी की कमी से जूझ रहे हैं, तब इस तरह हजारों लीटर पानी का सड़कों पर बहना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से वार्ड में पेयजल सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा करने और नियमित अंतराल पर पानी उपलब्ध करवाने की भी मांग की है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस लीकेज को कब तक ठीक करवाता है और वार्ड-12 के लोगों को पेयजल संकट से राहत कब मिलती है।