सोलन के एक निजी स्कूल में बच्चों की आपसी लड़ाई को धार्मिक रंग देने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गुरमीत सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच हुए विवाद को हिंदू और सिख समुदाय से जोड़ना गलत है। यह बच्चों की आपसी लड़ाई का मामला है, जिसे धार्मिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। सोलन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान गुरमीत सिंह ने कहा कि कुछ लोग इस मामले में हिंदू और सिख को जोड़कर धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि पंजाब और हिमाचल के रिश्ते पहले से अच्छे रहे हैं। ऐसे मामलों के जरिये दोनों राज्यों के संबंधों को खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। गुरमीत सिंह ने कहा कि पंजाब और हिमाचल के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दोनों राज्यों के रिश्तों को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, बच्चों के विवाद को धार्मिक मुद्दा बनाना इस तरह की कोशिशों को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में हुई घटना को बच्चों के विवाद के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी भी घटना को धर्म से जोड़ने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने लोगों से मामले को सही संदर्भ में देखने की अपील की। गुरमीत सिंह ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने रैगिंग करने वाले पांचों बच्चों को तुरंत निलंबित कर दिया था। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की ओर से की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, स्कूल में हुई घटना की विस्तृत परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई को लेकर अभी अन्य आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को लेकर गुरमीत सिंह ने बच्चों के विवाद को धार्मिक मुद्दा बनाने के बजाय स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई और तथ्यों के आधार पर देखने की बात कही।