रामलीला क्लब धर्मपुर की ओर से प्रभु श्रीराम की लीला का मंचन शुरू हो गया है। शुभारंभ अवसर पर क्लब की ओर से विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई गई। इसमें ग्राम पंचायत धर्मपुर के प्रधान महेश गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। मंच पूजन के बाद भगवान गणेश और भारत माता की आरती की गई। रामलीला के पहले दिन श्रवण कुमार वध और राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप देने के प्रसंग का मंचन किया गया। इसमें दिखाया गया कि भक्त श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थयात्रा पर ले जा रहे थे। जंगल में माता-पिता को प्यास लगने पर श्रवण कुमार नदी से पानी लेने पहुंचे। इसी दौरान अयोध्या के राजा दशरथ ने शिकार समझकर शब्दभेदी बाण चला दिया, जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई। इसके बाद दुखी माता-पिता ने राजा दशरथ को श्राप दिया कि उनकी मृत्यु भी पुत्र वियोग में होगी। इसके बाद मंच पर जय-विजय और नारद के संवाद प्रस्तुत किए गए। नारद द्वारा भगवान विष्णु को श्राप देने तथा विश्व मोहिनी स्वयंवर के प्रसंग का भी सुंदर मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने विभिन्न किरदार निभाकर रामलीला के दृश्यों को जीवंत किया। इस अवसर पर आशीष अत्रि, प्रेम शर्मा, अजय शर्मा, दीपक सूद, सोहन, रोशन, कृष्ण दत्त सहित अन्य लोग मौजूद रहे।