हिमाचल प्रदेश के नाहन शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए प्रस्तावित केंद्र को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शहर के वार्ड नंबर-12 नौणी का बाग में केंद्र के निर्माण का स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं। सोमवार को क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त प्रियंका वर्मा से मिला और प्रस्तावित केंद्र को रिहायशी क्षेत्र से दूर स्थापित करने की मांग उठाई। वहीं, नगर परिषद ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सहायता मांगी है। इस मामले में स्थानीय लोगों और नगर परिषद के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। निवासी क्षेत्र में पार्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग कर रहे हैं, जबकि नगर परिषद का कहना है कि नसबंदी केंद्र के लिए चुनी गई जमीन उसकी अपनी है और आबादी से दूर स्थित है। नौणी का बाग के निवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष केंद्र के निर्माण को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। प्रतिनिधिमंडल में उषा, विभा सैनी, राम चरण सहित अन्य स्थानीय लोग शामिल रहे। उन्होंने मांग की कि नसबंदी केंद्र को किसी ऐसे स्थान पर बनाया जाए, जहां रिहायशी क्षेत्र के लोगों को परेशानी की आशंका न हो। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बुजुर्गों के लिए बैठने और टहलने की जगह की जरूरत है। इसलिए यहां पार्क विकसित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही लोगों ने पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई। निवासियों के अनुसार, जिस जमीन पर अब नसबंदी केंद्र बनाने की योजना है, वहां जनसुविधाओं से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर विचार किया जाए। नौणी का बाग में नसबंदी केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज करवाया था। शनिवार को भी लोग मौके पर पहुंचे और अपनी आपत्ति जताई। इसके बाद सोमवार को प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और केंद्र को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग दोहराई। इससे पहले भी नाहन के अन्य हिस्सों में नसबंदी केंद्र स्थापित करने की योजना को लेकर विरोध सामने आ चुका है। ऐसे में नौणी का बाग का मामला अब प्रशासन और नगर परिषद के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। नगर परिषद नाहन की अध्यक्ष उपमा धीमान ने कहा कि शहर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए परिषद काम कर रही है। उनके अनुसार, नसबंदी केंद्र के लिए चुनी गई जमीन नगर परिषद की है और यह आबादी से दूर स्थित है। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य का विरोध करने के बजाय सहयोग करने की अपील की। अध्यक्ष ने बताया कि काम के दौरान किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस को पत्र लिखकर निर्माण स्थल पर पुलिस कर्मियों की तैनाती का आग्रह किया गया है। एक ओर स्थानीय निवासी केंद्र को दूसरी जगह स्थापित करने और पार्क व पार्किंग की सुविधा विकसित करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए केंद्र को जरूरी बता रही है। अब इस मामले में प्रशासन और नगर परिषद की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल स्थानीय लोगों की आपत्तियों और केंद्र के निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के विचार अलग-अलग हैं।