रंगों और कल्पनाशक्ति के जरिए रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश धर्मपुर में देखने को मिला। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर को उपमंडलीय पशु चिकित्सालय धर्मपुर में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ उन्हें रेबीज बीमारी, इससे बचाव, पशुओं के टीकाकरण और लोगों को जागरूक करने के महत्व से जोड़ना रहा। प्रतियोगिता में धर्मपुर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। डॉ. विजय मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धर्मपुर, धर्मपुर पब्लिक स्कूल और न्यू बीम पब्लिक स्कूल धर्मपुर के विद्यार्थियों ने पोस्टर तैयार किए। छात्रों ने अपनी कल्पनाशक्ति को कागज पर उतारते हुए रेबीज से बचाव, पशुओं के प्रति जिम्मेदारी और सुरक्षित समाज का संदेश रंगों और चित्रों के माध्यम से दिया। कार्यक्रम में एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। धर्मपुर की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजना सूद ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। एसडीएम ने विद्यार्थियों की ओर से बनाए गए पोस्टरों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज तक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और जन-जागरूकता के संदेश पहुंचाने का माध्यम भी बनती हैं। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने ‘रेबीज से बचाव’, ‘पशुओं का टीकाकरण’, ‘जागरूक रहें-सुरक्षित रहें’ और पशुओं के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों को पोस्टरों में प्रमुखता से दर्शाया। रंगों और चित्रों के माध्यम से बच्चों ने लोगों को रेबीज के प्रति सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपमंडलीय पशु चिकित्सालय की ओर से विद्यार्थियों को रेबीज के कारण, इसके लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही कुत्तों और अन्य पशुओं के टीकाकरण के महत्व के बारे में भी बताया गया। पशु चिकित्सा विभाग ने लोगों से अपील की कि पशु के काटने की स्थिति में लापरवाही न बरतें और समय पर चिकित्सकीय सहायता लें। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि रेबीज गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी और टीकाकरण के जरिए इससे बचाव संभव है। लोगों से अपने पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण करवाने तथा आवारा पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आग्रह किया गया। प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने बताया कि पोस्टर तैयार करते समय उन्हें रेबीज और उसके बचाव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों ने भी यही संदेश दिया कि रेबीज से बचाव की दिशा में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कदम है।