अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए देवी देवताओं का ऐतिहासिक मैदान ढालपुर पहुंचने का क्रम लगातार जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार शाम करीब पौने पांच बजे देवता सप्तऋषि रणपाल मौहल और देवी नैणा माता भुलंग खोखन भी अपने हारियानों के साथ ढालपुर पहुंचीं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर हारियानों के कंधों पर देवी-देवता फूड कोर्ट के पास सजे अपने अपने अस्थायी शिविर पहुंचे। उसके बाद अपने अस्थायी शिविर में विराजमान हो गए हैं।