राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में चल रहे युवा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को विद्यार्थियों के बीच वाद-विवाद और लोकगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वाद-विवाद में विद्यार्थियों ने समसामयिक विषय पर अपने तर्कों से बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं लोकगीत प्रतियोगिता में हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। ग्रुप-वन के तहत आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता युवाओं के भविष्य के लिए वरदान या खतरा’ रखा गया। विषय ने विद्यार्थियों को तकनीक के बदलते दौर और इसके भविष्य पर अपने विचार रखने का अवसर दिया। हिंदी माध्यम की प्रतियोगिता में कुल्लू, जोगिंदरनगर, बास्सा, करसोग, हरिपुर, लम्बाथाच, बंजार, मंडी, थाची और सरकाघाट के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। वहीं अंग्रेजी माध्यम में कुल्लू, जोगिंदरनगर, करसोग, मंडी और सरकाघाट के विद्यार्थी प्रतियोगिता में शामिल हुए। वाद-विवाद के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य, शोध, संचार और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा कर रही है। उनका कहना था कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान के नए स्रोतों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कई कार्यों को कम समय में पूरा करने में सहायक हो सकती है। इस दौरान विद्यार्थियों ने विषय के अलग-अलग पहलुओं पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। युवा महोत्सव के दूसरे दिन लोकगीत प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में हिमाचल की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ समसामयिक विषयों पर विचार रखने और लोक संस्कृति से जुड़ने का मंच भी मिल रहा है।