मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिले के 41 बेसहारा युवाओं को मकान निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद मंजूर की गई है। वहीं नौ बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए करीब 7.44 लाख, 25 युवाओं को शादी के लिए दो-दो लाख और एक युवा को स्वरोजगार के लिए 1.40 लाख दिए गए हैं। जिले में कुल 211 बच्चे और युवा योजना का लाभ ले रहे हैं। सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने यह जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बेसहारा बच्चा, युवा, एकल नारी या बेसहारा बुजुर्ग योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। एडीसी ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत बेसहारा महिलाओं के 1962 बच्चों और युवाओं को 92.30 लाख रुपये की सहायता दी गई है। जिले के 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह से छह वर्ष तक के 14,542 बच्चों और 4081 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष पोषाहार दिया जा रहा है। इसके अलावा तीन से छह वर्ष तक के 8045 बच्चे सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शिक्षा ले रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है।जिले में 20,980 बच्चों की स्वास्थ्य जांच के दौरान 80 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए। बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण व्यवस्था की जाएगी।बैठक में आंगनबाड़ी भवनों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने बंद किए गए स्कूलों के भवन आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने योजनाओं की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में जिला स्तरीय समिति के सरकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।