जिला कांगड़ा में बुधवार से पोषण माह मनाया जा रहा है। यह 8 अक्तूबर तक चलेगा। इसके तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को परोसे जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता और निर्धारित डाइट चार्ट की अब नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। पोषण संबंधी गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और पंचायत प्रतिनिधियों को इस निगरानी प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पोषण माह की रूपरेखा तैयार करने को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय धर्मशाला में जिला स्तरीय अंतर विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की थी। उन्होंने बताया कि जिला में वर्तमान में 4,226 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 400 केंद्रों में पोषण वाटिकाएं तैयार की जा चुकी हैं। साथ ही इस बार के थीम मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी के तहत पारंपरिक पौष्टिक आहार और स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनियों लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए मिशन तृप्ति के तहत छह माह की आयु पूरी होने पर शिशुओं को सही समय पर पूरक आहार देना सुनिश्चित किया जाए।