विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को धर्मशाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) में मिड-डे मील कार्यकर्ताओं के लिए फूड सेफ्टी और हाइजीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में करीब 140 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक संजय ठाकुर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को फल-सब्जियों की खरीद से लेकर भोजन पकाने, उसके भंडारण और बच्चों को परोसने तक बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता केवल उसके स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका सुरक्षित और स्वच्छ होना सबसे अधिक जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को बाजार से फल और सब्जियां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता जांचने, रसोई और बर्तनों की नियमित साफ-सफाई रखने तथा भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथ धोने के निर्देश दिए गए। कार्यकर्ताओं को भोजन तैयार करने में केवल स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता सीधे बच्चों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में उन्हें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। सहायक निदेशक ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से स्कूलों में भोजन सुरक्षा के मानक मजबूत होंगे। साथ ही, बच्चों में भी छोटी उम्र से ही स्वच्छ और सुरक्षित खान-पान की आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अब विद्यार्थियों को अंडा दिया जाएगा। वहीं, जो बच्चे अंडा नहीं खाते हैं, उन्हें मौसमी फल वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाकर उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।