झंडूता में नगर पंचायत गठन को लेकर जारी अधिसूचना के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। रविवार को झंडूता पहुंचे पूर्व विधायक बीरू राम किशोर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आपत्तियां सुनीं। इस दौरान नगर पंचायत गठन की अधिसूचना को लेकर लोगों ने अपनी चिंताएं उनके सामने रखीं। पूर्व विधायक बीरू राम किशोर ने कहा कि नगर पंचायत का गठन करने से पहले स्थानीय लोगों के साथ पर्याप्त संवाद किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने से पहले जनता को प्रस्तावित व्यवस्था के बारे में जानकारी देने और अपनी बात रखने का अवसर मिलना जरूरी था। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सरकार को चाहिए कि नगर पंचायत गठन के निर्णय को कुछ समय के लिए स्थगित करे, ताकि लोगों को नई व्यवस्था, इसके प्रावधानों और संभावित बदलावों को समझने का अवसर मिल सके। बीरू राम किशोर ने कहा कि वह इस मामले में अपने स्तर पर भी प्रयास करेंगे। स्थानीय लोगों की भावनाओं और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निर्णय को कुछ समय के लिए टालती है तो इस दौरान आम जनता और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर उनकी शंकाओं को समझा जा सकता है। साथ ही लोगों को नगर पंचायत व्यवस्था के बारे में जागरूक करने का भी प्रयास किया जा सकता है। विकासखंड मुख्यालय होने के कारण अलग जरूरतें पूर्व विधायक ने कहा कि झंडूता विकासखंड का मुख्यालय है और विधानसभा क्षेत्र की कई प्रशासनिक गतिविधियां यहीं से संचालित होती हैं। यहां एसडीएम कार्यालय, न्यायिक परिसर और विकासखंड कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि झंडूता को व्यवस्थित और बेहतर शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाना चाहिए। नगर पंचायत के गठन जैसे निर्णय में स्थानीय लोगों की राय और क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। बीरू राम किशोर ने कहा कि लोगों की समस्याओं और आशंकाओं को दूर करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाना चाहिए।