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यमुनानगर: मांगों के लिखित आदेश जारी नहीं होने पर पालिका व फायर कर्मचारियों का प्रदर्शन, 30 अगस्त की बैठक में आंदोलन तेज करने की बनेगी रणनीति

मयूर शर्मा Updated Sat, 29 Aug 2026 03:37 PM IST

नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 24वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद शहर में रोष प्रदर्शन निकालकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को मानने की बात तो कर रही है, लेकिन अभी तक लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। 24वें दिन की हड़ताल में नगरपालिका शाखा प्रधान पपला, अग्निशमन जिला प्रधान विजेंद्र सिंह पालिका शाखा सचिव सुभाष अग्निशमन जिला सचिव रिंकू कुमार ने कहा कि शहर में उल्टा झाडू लेकर प्रदर्शन किया गया इस दौरान नगर निगम से खालसा कॉलेज, आजाद नगर, शास्त्री कॉलोनी, प्यारा चौक होते हुए नगर निगम तक रोष मार्च निकाला गया। लोगों के बीच हैंडबिल वितरित कर अपनी मांगों और सरकार के रुख की जानकारी दी। संजीत कुमार, संजय, रमन, अनीता, कांता, जीतो, ललित कुमार, तेजिंदर सिंह, विक्रम सिंह, विक्की वालिया और विनोद कुमार आदि कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल के दौरान सड़कों पर जमा हुए कचरे को प्रशासन की देखरेख में उठवाया गया था। कचरा उठान को लेकर कर्मचारियों ने विरोध जताया था। उनका आरोप है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस के माध्यम से आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। इसे कर्मचारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। नगरपालिका महासचिव मांगेराम तिगरा और अग्निशमन महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें पालिका व फायर कर्मचारियों को पक्का करना, सफाई व सीवरमैन की पक्की भर्ती, ठेका प्रथा समाप्त करना, शहीद फायर कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल था। इसके अलावा फायर व सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने और फायर कर्मचारियों के लिए भविष्य में होने वाली घटनाओं को लेकर नियमित पॉलिसी बनाने पर भी सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि अब तक मांगों के संबंध में लिखित पत्र जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि 30 अगस्त तक आदेश जारी नहीं हुए तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने का निर्णय लिया जा सकता है।

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