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पीआर धान की खरीद नहीं होने पर किसानों ने मंडी सचिव कार्यालय पर दिया धरना

सोनीपत। रोहतक रोड स्थित अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू नहीं होने से परेशान किसानों ने बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मार्केट कमेटी के सचिव कार्यालय के गेट पर सांकेतिक धरना दिया। किसानों ने कार्यालय के गेट पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि धान की खरीद शुरू कराने को लेकर लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो एक दिन का सांकेतिक धरना बड़े आंदोलन में तब्दील कर दिया जाएगा। नफे सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुए धरने में किसानों ने मंडी में खरीद की उचित व्यवस्था करने और धान लेकर पहुंचने वाले किसानों की फसल को बारिश से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि मंडी में फसल पहुंचाने के बाद भी खरीद नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और अधिकारियों को जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए। खरीद की लिमिट तय करने पर भी जताया विरोध ब्रह्मसिंह दहिया ने कहा कि सरकार बाजरा और सरसों के बाद अब पीआर धान की खरीद पर भी सीमा निर्धारित कर किसानों को परेशान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजरा और सरसों की खरीद के लिए आठ क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय की गई, जबकि पीआर धान की पैदावार के मुकाबले खरीद की सीमा कम रखी गई है। इससे किसानों को पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने में परेशानी हो सकती है। राजकुमार राणा ने कहा कि सरकार एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद के दावे करती है, लेकिन पोर्टल और खरीद की सीमाओं के कारण किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति रही तो मंडी व्यवस्था कमजोर हो सकती है। जयवीर हुड्डा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पीआर धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन किसान अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से परेशान हैं। उन्होंने सरकार से वादा पूरा करने की मांग की। धरने पर आजाद सिंह, सुरेंद्र, प्रीतम सिंह, भगत सिंह, रणधीर सिंह हुड्डा, ईश्वर राठी और कामरेड सेवानंद सहित अन्य किसान मौजूद रहे। ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जाए। पीआर धान की खरीद के लिए सभी राइस मिलरों का पंजीकरण जल्द कराया जाए। स्थानीय मिलर खरीद नहीं करते हैं तो दूसरे जिलों के मिलरों को अनुमति दी जाए। मंडी में खरीद और फसल को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम हों। किसानों का कर्ज माफ किया जाए और पीआर धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने का वादा पूरा किया जाए। -- सोनीपत की अनाज मंडी में अब तक 5229 क्विंटल पीआर धान की आवक हो चुकी है। उसमें से हैफेड की ओर से बिना मिलर्स के 1507 क्विंटल पीआर धान खरीदा जा चुका है। मिलर्स आने के बाद बोरों का उठान कराया जाएगा, उसके बाद किसानों को उनकी फसल का भुगतान कराया जाएगा। विजय शर्मा, डीएम हैफेड

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