सोनीपत। हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी की एंट्री के विरोध में बिजली कर्मियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। मंगलवार को दशहरे के दिन बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने कबीरपुर के पास ओल्ड डीसी रोड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सैनी और हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतले फूंके गए। कर्मचारियों ने निजीकरण संबंधी फैसला वापस लेने की मांग करते हुए 22 से 24 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल का एलान किया। हड़ताल के चलते बिजली सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की है कि 21 अक्तूबर को प्रदेशभर के सब-डिवीजन कार्यालयों पर निजीकरण संबंधी आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। इसके बाद 22, 23 और 24 अक्तूबर को बिजली कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देना सरकारी बिजली निगमों को कमजोर करने की दिशा में उठाया गया कदम है।