ऐलनाबाद। गांव मोजू खेड़ा निवासी प्रेम कुमार ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में 10 माह के बेटे को वैक्सीन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने और इंजेक्शन वाली जगह पर गंभीर संक्रमण होने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने सिविल अस्पताल ऐलनाबाद के एसएमओ को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में प्रेम कुमार ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका 10 माह का बेटा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में लगाए जाने वाले नियमित टीकाकरण के लिए गया था। शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को एएनएम रीना ने बच्चे को वैक्सीन का इंजेक्शन लगाया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद बच्चे को परेशानी शुरू हो गई। बाद में इंजेक्शन वाली जगह पर धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता गया और बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार बच्चे को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ऐलनाबाद में भर्ती करवाया गया। वहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें बताया गया कि संक्रमण काफी फैल चुका है और बच्चे को आगे के इलाज के लिए बठिंडा या अग्रोहा ले जाने की सलाह दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि बच्चे की बीमारी के कारण परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा मजबूरी में निजी अस्पताल में उपचार करवाना पड़ रहा है। शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया कि एएनएम की ओर से इंजेक्शन लगाने में लापरवाही या गलत प्रक्रिया अपनाए जाने की आशंका है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के साथ बच्चे को लगाए गए वैक्सीन की जानकारी, वैक्सीन का नाम, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, डोज और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करवाने की मांग की है। शिकायत में ये मांगें रखीं परिजनों ने एसएमओ से मामले की उच्चस्तरीय जांच, संबंधित एएनएम से वैक्सीन व इंजेक्शन का पूरा विवरण लेकर रिकॉर्ड की जांच, बच्चे की वर्तमान स्थिति का विशेषज्ञ चिकित्सकों से परीक्षण करवाने तथा इंजेक्शन के बाद हुई परेशानी और संक्रमण के कारणों पर चिकित्सकीय राय लेने की मांग की है। इसके अलावा बच्चे के इलाज में अब तक हुए खर्च और भविष्य में होने वाले उपचार को लेकर विभागीय स्तर पर उचित सहायता देने, बच्चे को सरकारी/विशेषज्ञ अस्पताल में आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाने तथा मामले में की गई कार्रवाई से परिवार को अवगत करवाने की मांग भी की गई है। परिजनों ने कहा कि बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए मामले में जल्द संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसी घटना न हो।