पानीपत। विजयादशमी का पर्व शहर में मंगलवार को पूरी श्रद्धा, हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। शहर में पांच प्रमुख बड़े स्थानों पर रावण दहन के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्हें देखने के लिए शाम ढलते ही हजारों की संख्या में शहरवासी उमड़ पड़े। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पावन पर्व पर शहर गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। शहर के सेक्टर-13-17, ऐतिहासिक देवी मंदिर, सेक्टर-24, सेक्टर-25 और मॉडल टाउन स्थित शिवाजी स्टेडियम में रावण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। इन सभी स्थानों पर 70 से 100 फीट तक ऊंचे और आकर्षक पुतले तैयार किए गए थे, जिनके जलने का दृश्य देखने लायक था। इस बार के आयोजन की सबसे खास बात सेक्टर-13-17 में देखने को मिली। यहां इतिहास में पहली बार पारंपरिक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ-साथ खर और दूषण के पुतलों का भी दहन किया गया।, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। इससे पहले सुबह से दोपहर तक रावण की पूजा की। बच्चों और महिलाओं ने उनसे आशीर्वाद लिया। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम त्योहारी सीजन और बड़े आयोजनों के मद्देनजर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। दशहरा स्थलों और आसपास की सड़कों पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे। पीसीआर वाहनों और राइडर के साथ-साथ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की हुड़दंगबाजी या असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत काबू पाया जा सके। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने शाम के समय पुतला दहन के दौरान दो से तीन घंटे के लिए भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाई। कार और दोपहिया वाहन चालकों को भी जाम से बचने के लिए वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने के सख्त निर्देश दिए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जगह-जगह आतिशबाजी और जय श्रीराम के नारों के बीच यह पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।